15 साल पुरानी गाड़िया नहीं होंगी कबाड़ आपके फायदे के बारे में सरकार का फैसला :

15 साल पुरानी गाड़िया नहीं होंगी कबाड़ आपके फायदे के बारे में सरकार का फैसला :



15 साल पुरानी गाड़िया नहीं होंगी कबाड़ आपके फायदे के बारे में सरकार का फैसला

भारत सरकार पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, लेकिन खासकर ऑटो में कुछ साल पहले पुराने वाहनों को स्क्रेप करने के लिए सरकार ने एक निति लागू की है, और इस दिशा में एक नया बदलाव आया है नए नियमो के तहत वाहन कंपनियों को अपने नए वाहनों में इस्तेमाल होने वाले स्टील में कम से कम 8% री-साइकल स्टील का उपयोग करना होगा और भविष्य में इसे बढ़ा कर 18 % तक किया जाने का अनुमान है |

कंपनियों को री-साइक्लिंग के तहत स्टील का उपयोग करना बहुत ही जरुरी हो गया है 

नई नीति के अनुसार पुराने वाहनों से जितना प्राप्त स्टील को नए वाहनों के  निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा इससे स्टील खनन से होने वाले प्रदुषण में कमी आएगी और नए स्टील की खरीद पर आने वाले खर्च में भी कमी आएगी कम्पनियों की उन वाहनों के स्टील का उपयोग करने का विकल्प और ज्यादा मिलेगी |

स्करैपिंग और री-साइक्लिंग प्रक्रिया करनी होगी पूरी 

कम्पनि के पुराने वाहनों को स्क्रेब करने के लिए बाय- बैक प्रोग्राम चला सकती है, इसके अलावा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के केन्द्रीय पोर्टल पर इन गतिविधियों को रजिस्टर्ड करके अनिवार्य स्टील के वजन के आधार पर एक EPR जारी करेगा जिसे  वह कम्पनियो को अपने री-साइकल को पूरा करने के लिए इस्तेमाल कर सकती है |

सरकार का स्करैपिंग फैसिलिटी बढ़ाने पर सबसे जोर है 

भारत में अभी केवल 82 रजिस्टर्ड स्करैपिंग कंपनिया है, लेकिन सरकार अगले 3 महीनो में इस संख्या को 100 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है, विभिन्न राज्यों में नए फैसिलिटी स्थापित करने के लिए नीतियों की घोषणा की जा सकती है जिससे री-साइकल में और तेजी आ सके|

उपभोक्ताओ को काफी हद तक फायदे होंगे 

यदि आपकी कार पुरानी हो गई है या उसकी उम्र पूरी हो गई है तो आप उसे रजिस्टर्ड स्करैपिंग फैसिलिटी में स्क्रेप करवा सकते है इस प्रक्रिया के दौरान आपको  एक सर्टिफिकेट मिलेगा जिसे आप नई कार खरीदने पर डिस्काऊंट के रूप में प्राप्त होगा जिससे आप न्यू गाड़ी लेते समय आप इस्तेमायल कर सकते है, इस प्रकार यह नीति न केवल पर्यावण की सुरक्षा में मदद करेगी बल्कि वाहिकल मालिको को भी काफी हद तक फायदा पहुचेगा |


Disclaimer: यह जानकारी सामान्य ज्ञान और उपलब्ध डेटा के आधार पर लिखी गई है, यह वास्तविकता हो सकती है या नहीं, इसकी पुष्टि  के लिए अधिकृत सरकारी स्रोतों से जानकारी  प्राप्त करना उचित होगा, इस आर्टिकल का उद्धेश्य किसी की भावनाओ को ठेस पहुचना नहीं है |  

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